सिवा मेरे सभी उस मुकाम पर पहुचे ...........
ना जाने मैं किसके इंतज़ार में रहा ...........
जिन्दगी ने बसा ली अपनी जिन्दगी .............
रेत में आलोक ढूंढ़ता रहा वो है कहा ...
No comments:
Post a Comment