आलोक चान्टिया कीकविता और शायरी - ALOK CHANTIA
Thursday, July 2, 2020
दरख़्त पर छूटे हुए निशान .............BY ALOK CHANTIA
तेरी जिंदगी में उजाला फैलाकर ......by ALOK CHANTIA
रिश्ते के जो निशान .............by Alok chantia
Wednesday, July 1, 2020
पोर पोर दर्द मे ..............आलोक चांटिया
कारण कुछ भी हो...............आलोक चांटिया
अंधेरे को सिर्फ यही सुकून .......................आलोक चांटिया
तूने तो सिर्फ चोट ही पहुचाई है .........................आलोक चांटिया
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