Sunday, January 19, 2020

मैं पश्चिम का सूरज हूँ

मैं पश्चिम का सूरज हूँ ,
तुम पूरब के बन जाओ ,
मैं निस्तेज तिमिर का वाहक ,
तुम पथ के दीपक बन  जाओ ,
मैं और तुम दोनों ही रक्तिम ,
अंतर बस इतना पाता हूँ ,
तुम उगने का अर्थ लिए ,
मैं उगने की राह बनता हूँ ...................................उगता और डूबता सूरज दोनों लाल होते है पर दोनों का अर्थ अलग है ....समझिये और कहिये

Wednesday, January 15, 2020

लड़ ...........की.... लड़ ...........के

लड़ ...........की
लड़ ...........के ,
की से के तक ,
लड़ लड़ कर ,
हम क्या कर रहे  है ,
क्या हम जी रहे है ,
या उसको शराब ,
की जगह पी रहे है ,
कितने दुखी दिखे ,
जब उसकी पदचाप ,
गर्भ में सुनी तुमने ,
फिर क्यों लूटा ,
सड़क,बस , शहर ,
हर कही तुमने ,
कैसे मनुष्य हो तुम ,
उस जानवर से बेहतर ,
जो कभी कही भी ,
मादा को नही भरमाता,
न तो माँ कहता ,
ना बहन , पत्नी और ,
प्रेमिका बता कर खुद ,
एक प्रश्न बन आता ,
एक बार तो सोच लो ,
औरत का क्या करना ,
तुमको अपने जीवन में ,
क्यों कि हांड मांस में ,
उसके हिस्से क्यों आती ,
मौतों के तरीके जीवन में .............................जीवन में हम अपने लिए जीवन के सुख तलाशते हा और औरत के लिए मौत के प्रकार ???? क्या ऐसा नहीं है तो फिर औरत प्राक्रतिक तरीके से इतर ज्यादा क्यों मर रही है ??????????????/वह किसी जंगल में रह रही है ?????????????  आलोक  चांटिया

पेट में लात , खा कर मैंने

पेट में लात ,
खा कर मैंने ,
माँ होने का ,
एहसास पाया है ,
बचपन की गलियां ,
छोड़ कर मेरा ,
पत्नी नाम आया है,
कलाई में राखी ,
तुम्हारे मेरे नाम की ,
पर राख हुई फिर भी ,
मेरी ही काया है ,
कैसे मैं समझू ,
लड़की को दुर्गा ,
लक्ष्मी , सरस्वती ,
या फिर काली ,
लूटते हो लज्जा ,
कहकर उसकी लाली ,
बचपन से कोमल ,
कहकर पागल ,
बना कर क्या पाए ,
कही हत्या , कही
बलात्कार सिर्फ
मेरे हिस्से लाये ,
सच बताओ क्या ,
एक लड़की गर्भ  से ,
कभी बाहर आये ........................लड़की को आज के दौर में किस लिए पैदा होना चाहिए और हम उसके लिए दिल से क्या करना चाहते है , ......मुझे नहीं अपने साथ जुडी किसी भी लड़की के लिए बस सोच भर लीजिये मेरा शब्द सार्थक हो जायेगा ...... .अखिल भारतीय अधिकार संगठन

मेरे पास मन है

# mahila
# mahila
मेरे पास मन है ,
पर तुम तन की तलाश ,
में इस लाश में ,
क्या पाओगे और ,
कितने दिन रख ,
पाओगे अपने पास ,
जिन्दा लाश से क्या ,
रख पाओगे कोई आस ,
ये न तो हास और ,
न ही कोई परिहास ,
औरत को तुमने ,
रमणी बनाया ,
और उसके हिस्से ,
नाम भार्या आया ,
रंडी , वेश्या , रखैल
या कुछ और भी ,
कह कर अपने को ,
गिराना चाहते हो ,
तुम क्या वास्तव में ,
किसी लड़की के ,
करीब आना चाहते हो ,.............................. क्या आपको लड़की का कोई नाम रखने में अभी कोई रूचि है .......Dr Alok Chantia ,

क्या मुझको , कोई ले जायेगा

क्या मुझको ,
कोई ले जायेगा ?
कोशिश कर भी लो ,
पर हाथ तेरे या ,
उनके कुछ न आएगा ,
एक गोश्त के कारण,
ही तो भेड़िये,
दौड़ आ जाते है ,
हम चिल्लाते है ,
रोते बिलखते है ,
पर उनके लिए मेरे ,
आंसू ख़ुशी का ,
सबब बन जाते है ,
हमारे आंचल में ,
अंततः ढूध के श्राप ,
और आँखों में दरिंदो ,
के सपने रह जाते है ,
काट कर बिकते गोश्त ,
की दुकानों की तरह ,
जिन्दा लेकर मैं ,
थक रही हूँ अब ,
अपने को लुटते देख ,
ख़ामोशी तेरी होती
मेरे ही सामने जब ,
अब मुझे वहा भेज दो ,
जहाँ से कोई नहीं आता ,
आत्मा बन कर रहूंगी ,
सामने ना सही पर ,
ख़ुशी तो होगी कि,
अब लड़की बन के ,
जमीं पे दुखी न रहूंगी ........................................ लड़की के लिए हम सब कब ऐसा सोचेंगे कि उनको ऐसा लगे कि वह जंगल में नहीं एक मानव की संस्कृति में रहती है जहाँ उनकी इच्छा और गरिमा का ख्याल किया जाता है

मौत की ये , किस दुनिया में

मौत की ये ,
किस दुनिया में ,
रहने लगे ,
अपने में सिमट ,
कर आलोक ,
सब रहने लगे ,
मेरे मरने पर ,
कुछ तो कहेंगे ,
बुरा था या ,
अच्छा कहेंगे ,
पर आज मेरी ,
तन्हाई पर ,
न साथ रहेंगे ,
ना कुछ कहेंगे ,
दुनिया जिसे कहते ,
जादू का खिलौना ,
मिल जाये तो मिटटी ,
खो जाये तो सोना ,
कैसे चलेगा ये ,
एक बार इधर ,
आकर भी ना कोई ,
किसी के साथ चलेंगे ,
बस चार कंधो में ,
हमारे साथ रहेंगे ........................... दुनिया यानि सिर्फ अपने चेहरों की तलाश और अपने में जी जाना .......वही हाड मांस का आदमी कभी हिन्दू तो कभी मुसलमान बन जाता है कभी दलित तो कभी सवर्ण बन जाता है यानि मनुष्य कभी एक सूत्र में पिरो कर न देखा जायेगा ....शत शत अभिनन्दन मानव तुमको निश्चय ही तुम जानवरों से भिन्न हो भिन्न हो .

सूरज के रास्ते में

सूरज के रास्ते में ,
चाँद भी आता है ,
हर सुबह का पथ ,
अंधकार भी पाता है ,
क्यों देखते हो जीवन ,
हर दर्द से दूर ,
कभी कभी दर्द ,
किलकारी के काम आता है .........................क्या आप अपने दर्द में दर्द थोडा  सयम नहीं रखना चाहिए .................हो सकता है कई सवेरा आपका इंतज़ार कर रहा हो ...