मै रोया बहुत अपनी
जिन्दगी के लिए ,
मेरी आंखे भी रोई ,
उसकी बंदगी के लिए ,
जिनको देखा उन्हें ,
पसंद न मुझे देखना ,
जो आये न पसंद कभी ,
वही खड़े पनाह के लिए
जिन्दगी के लिए ,
मेरी आंखे भी रोई ,
उसकी बंदगी के लिए ,
जिनको देखा उन्हें ,
पसंद न मुझे देखना ,
जो आये न पसंद कभी ,
वही खड़े पनाह के लिए
वाह
ReplyDeleteक्या बात है।
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